प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागरमाला परियोजना क्या है ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागरमाला परियोजना क्या है ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागरमाला परियोजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागरमाला परियोजना

नदियों का प्रयोग हमेशा से माल और जन-परिवहन के लिए किया जाता रहा है. नदियों के जरिये भारी सामानों की ढुलाई सड़क या रेल के मुकाबले सस्ती और कम प्रदूषण फैलाने वाली होती है. एक सदी पहले तक गंगा नदी भी एक व्यस्त जलमार्ग हुआ करती थी . जब से रेलवे का विकास हुआ तब से इसका प्रयोग लगभग खत्म हो गया लेकिन अब यह स्थिति फिर से बदलने जा रही है माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सागरमाला एवं जल मार्ग विकास साकार करने का प्रयास तेजी से जारी है. आज हम जानेंगे सागरमाला परियोजना क्या है

सागरमाला परियोजना क्या है?

सागरमाला परियोजना गंगा नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग का विकास का एक हिस्सा है प्रयाग से हल्दिया तक लगभग 16 किलोमीटर के हिस्से को 1986 में ही राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया जा चुका था लेकिन इसके विकास की गति बहुत ही धीमी थी परंतु वर्तमान समय में सरकार के आने के बाद से जल मार्ग विकास के लिए पुनः प्रयास किए जा रहे हैं


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागरमाला परियोजना

सागरमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग वाराणसी से लगभग 13 किलोमीटर को विकसित किया जाएगा इस परियोजना की लागत लगभग 5369 करोड़ है

इसके द्वारा जलमार्ग सुधार जैसे नदी की गहराई और चौड़ाई बढ़ाना गहराई 3 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर नौ-वहन साधनोंका विकास किया जाना है

सागरमाला परियोजना

इसके बाद वाराणसी साहिबगंज और हल्दिया में मल्टी मॉडल टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा सुरक्षा संबंधी कार्य तथा LNG (liquified natural gas) से चलने वाले जलयानों की आवाजाही से जुड़ी सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा

राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना के अंतर्गत विभिन्न परिजनों ने अकाल लेना शुरू कर दिया है वाराणसी साहिबगंज और हल्दिया में मल्टी मॉडल टर्मिनल के निर्माण की स्थिति अलग-अलग चरणों में पूरी हो रही है इसके साथ ही गाजीपुर कालूघाट में इंटर मॉडल टर्मिनल बनाए जाएंगे फरक्का में एक new navigation lock को भी नियमित किया जाएगा ! राष्ट्रीय जलमार्ग 1 परियोजना उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश से जुड़ेगी साथी इन राज्यों को 882 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय जलमार्ग के जरिए उत्तर पूर्वी भारत से भी जोड़ा जाएगा

सागरमाला परियोजना के पूरा होने पर और और जन परिवहन के लिए एक सस्ता और बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हो जाएगा जिससे माल परिवहन ट्रांसपोर्टेशन चार्जेस भी बहुत कम हो जाएंगे

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